ayurvedic medicine for heart blockage

ayurvedic medicine How to Avoid Angioplasty and Heart Stroke
एंजियोप्लास्टी और दिल के दौरे से बचने के लिए क्या करें
ayurvedic medicine
आवश्यक सामग्री एवं उनकी उपियोगिता:

अदरक (ginger juice) –
यह खून को पतला करता है।
यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।

लहसुन (garlic juice)
इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol व BP को कम करता है।
वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।

नींबू (lemon juice)
इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C व potassium खून को साफ़ करते हैं।
ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।

सेब का सिरका ( apple cider vinegar)
इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।

उपयोग विधि:
एक-एक कप नींबू का रस, अदरक का रस, लहसुन का रस, सेब (एप्पल) का सिरका लेंl चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लेंl अब आप उसमें 3 कप शहद मिला लेंl इस दवा को किसी साफ हवाबंद बोतल में रख लेंl

रोज इस दवा के 1-2 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे सारी ब्लॉकेज शीघ्र ही खत्म हो जाएंगी।

रोगियों को विशेष सलाह:
चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है. वे बेहोश होने लगते है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है. ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले. जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कण सामान्य हो जाए.

जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से रक्त सञ्चालन नियमित रूप से चलता है.

जादातर रोगी विशेषज्ञ की देख-रेख में होते है और उनके पास ऐसी आपात स्थिति के लिए विशेषज्ञ सलाह भी होती है और कुछ तुरंत राहत देने वाली दवाइयां भी. मगर अक्सर ये तुरंत पहुँच से दूर होती हैं और असर करने में 2-4 मिनट वक्त लेती हैंl ऐसी स्थिति में उपर्युक्त सलाह जान बचा सकती हैl

दिल का दौरा पड़ने पर क्या करें-

हमारे समाज में दिल के दौरे को लेकर काफी भ्रतिंया व्‍याप्‍त है कुछ लोगों का कहना है कि ज्‍यादा उम्र होने पर दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है तो कुछ कहते है ज्‍यादा सोंचने से दिल का दौरा पड़ जाता है जबकि सच्‍चाई कुछ और है। दरअसल दिल के दौरे की नींव हमारे अंदर बचपन में ही पड़ जाती है।

यह समस्या सालों तक हमारे अंदर काम करती रहती है जब यह विकराल रूप धारण करती है तो दिल के दौरे में तब्दील होकर हमारे लिए परेशानी का सबब बन जाती है। अगर हम दिल की सेहत से जुड़े कुछ तथ्यों को जान लें तो आधी लड़ाई हम यूं ही जीत जाते हैं। बस, इसके लिए हमें अपनी जीवन शैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत है।

ज्‍यादातर दिल के दौरों के लिए खानपान की गलत आदतें और गलत जीवनशैली मुख्य रूप से जिम्मेदार है। हमने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जंकफूड को एक अहम हिस्‍सा बना लिया है । एक रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग अपने भोजन में अत्यधिक वसा, नमक, अंडे और मांस का प्रयोग करते हैं , उन्हें अन्‍य लोगों के मुकाबले दिल का दौरा पड़ने की संभावना 35 % ज्‍यादा होती है और जो लोग सादा और उच्‍च फाइबर वाला भोजना लेते है उन्‍हें यह जोखिम कम होता है।

बरतें थोड़ी सावधानी-
अगर किसी को अचानक दिल का दौरा पड़ जाए तो पहला प्रयास यही होना चाहिये कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाये। अगर यह तुरंत मुमकिन न हो पाए तो मरीज को हर दस सेकेंड में जोर के खांसने की कोशिश करनी चाहिए खांसने के दौरान मरीज के दिल पर दवाब पड़ता है और खून का प्रवाह दिल की ओर तेज हो जाता है। खांसने के बाद लम्‍बी और बहरी सांस लेनी चाहिए क्‍योंकि दिल की धड़कन बढ़ने और बेहोशी आने में केवल दस सेकेंड का वक्‍त लगता है। इस प्रकिया के द्वारा काफी राहत मिलती है।

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